

श्री ऋषभ जिन प्रासाद जी का भव्य
प्रतिष्ठा महोत्सव
4 से 12 दिसंबर 2022
में हमारे भक्ति और श्रद्धा के पावन स्थल
मोहनबाड़ी, जयपुर
में होने जा रहा है। आइए, इस ऐतिहासिक भव्य जैन मंदिर की प्रतिष्ठा
के साक्षी बनें। इस प्रतिष्ठा महोत्सव में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ
अर्जित करें। आपकी सपरिवार उपस्थिति की हमें प्रतीक्षा है।

खरतरगच्छ संघ, जयपुर
भावना” नामक पत्राकार ग्रन्थ में सन् १८७६ (वि. सं. १९३३) में बनारस से प्रकाशित हुआ था। इस रास में बालूचर निवासी ‘दूगड गोत्रीय राय प्रतापसिंह बहादुर का वर्णन है। ये राय प्रतापसिंह बहादुर राय लखमीपतसिंह दूगड़ और धनपतसिंह दुगड के पिता थे। राय प्रतापसिंह ने बालूचर (बंगाल) से सिद्धाचल तीर्थं का यात्री संघ निकाला था। सिद्धाचल की यात्रा कर वापस लौटते हुए इस संघ ने जयपुर के मोहन बाग में उतारा / डेरा किया था। इसी मोहन बाग (मोहन बाडी) में अठाइ महोच्छव के साथ बावन जिनालय का उत्सव/ पूजन किया था और यहीं संघ के समक्ष संघपति-माला पहनी थी । स्वधर्मी वात्सल्य आदि के द्वारा जयपुर निवासियों को संतुष्ट किया था। जयपुर में कीर्ति बढ़ी थी। वहाँ से संघ ने अपने देश की ओर प्रयाण किया था । और जाने….
पावन निश्रा

परम पूज्य खरतर गच्छाधिपति, अवन्ति तीर्थ उद्धारक, शासन प्रभावक आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी म. सा.

खरतरगच्छाचार्य प. पू. शासन प्रभावक श्री जिन पीयूषसागर सूरीश्वर जी म. सा.

हृदयस्पर्शी व्याख्यान दात्री, गुरु विचक्षण की यशस्वी जैन साध्वी मरुधर ज्योति परम पूज्या मणिप्रभा श्री जी म. सा.
प्रतिष्ठा महोत्सव
मोहनबाड़ी में श्री ऋषभ जिनप्रासाद में दिनांक 4 से 12 दिसम्बर 2022 को होने वाली प्रतिष्ठा में लगभग 200 साधु-साध्वी पधारेंगे एवं हजारों की संख्या में भक्तगण देश-विदेश से पधारेंगे l
महोत्सव प्रारम्भ
रविवार, 4 दिसम्बर 2022
भव्य वरघोड़ा
शनिवार, 10 दिसम्बर 2022
भव्य प्रतिष्ठा
रविवार, 11 दिसम्बर 2022
द्वारोद्घाटन
सोमवार, 12 दिसम्बर 2022
जिनालय
मरुधर ज्योति प.पू. श्री मणिप्रभा श्रीजी म.सा. की प्रेरणा से मोहनबाड़ी में श्री ऋषभ जिनप्रासाद का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है l इस मंदिर की नक्काशी रणकपुर एवं देलवारा मंदिर से प्रेरित होकर कराई जा रही है l मंदिर का भव्य प्रांगण, विशाल गुंबद, सफेद संगमरमर पर महीन नक्काशी और बेजोड़ शिल्पकला इसे खास बना रही है l यह मंदिर जयपुर के सर्वश्रेष्ठ मंदिर में से एक होगा l
आर्य देश, आर्य संस्कृति, ऋषि महर्षियों की जन्मभूमि – ऐसे इस भारत देश में गौरव प्रधान राजस्थान और उस राजस्थान की राजधानी, जौहरियों की नगरी कला प्रेमी गुलाबी नगरी – जो देश-विदेश में प्रभावशाली पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है l इस धन्य धरा में हिन्दू-तीर्थ गलता जी की तलहटी में जयपुर-दिल्ली हाइवे पर सुरम्य पहाड़ियों के तलहटी में मनमोहक मोहनबाड़ी का विशाल परिसर जहाँ ढाई सौ (250) वर्ष पुराणी निर्विकारी, नयनाभिराम चित्रों से सुशोभित चित्त- आनंदित आत्मिक शांति के प्रदाता युगादिदेव (इस युग के आदिकर्ता) प्रभु परमात्मा आदिनाथ के वृषभ लंछन सहित दुर्लभ पादुकाएं व वीतरागी मुद्रा की प्रतिमाये है l साथ ही प्रत्यक्ष प्रभावी खरतरगच्छ श्रृंगार जिनकुशलसूरि जी महाराज के चरण कमल विराजमान है l और जाने….
कार्यकारिणी

श्री प्रकाश चन्द जी लोढ़ा
अध्यक्ष

श्री कमलचन्द जी सुराणा
वरिष्ठ उपाध्यक्ष

श्री अनूप कुमार जी पारख
उपाध्यक्ष

श्री देवेन्द्र कुमार जी मालू
संघ मंत्री

श्री अनिल जी वैद
सह मंत्री

श्री बिरदीमल जी दासोत
कोषाध्यक्ष

श्री गिरधारी लाल जी टांक
भण्डारक

श्री मोहनलाल जी डागा
मंत्री-भोजनशालायें

श्री विनयचन्द जी घाधिया
मंत्री मन्दिर दादाबाड़ी

श्री सुशील कुमार जी मूसल
सांस्कृतिक मंत्री

श्रीमती अमीता जी भण्डारी
मंत्री- महिला विभाग

श्री अशोक कुमार जी डागा
मंत्री-वर्तन विभाग एवं व्यवस्थापक- शिवजीराम भवन भोजनशाला